मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (International System of Units – SI System)
1. परिचय (Introduction)
भौतिकी में विभिन्न वस्तुओं, घटनाओं और प्रक्रियाओं का अध्ययन करने के लिए भौतिक राशियों का मापन करना आवश्यक होता है। किसी भौतिक राशि का मापन करने के लिए उसकी तुलना एक निश्चित मानक से की जाती है, जिसे मात्रक (Unit) कहते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी मेज की लंबाई 2 मीटर है, तो यहाँ लंबाई भौतिक राशि, 2 संख्यात्मक मान और मीटर उसका मात्रक है।
प्राचीन काल में विभिन्न देशों और क्षेत्रों में मापन की अलग-अलग प्रणालियाँ प्रचलित थीं। इससे वैज्ञानिक गणनाओं, व्यापार और तकनीकी कार्यों में कठिनाइयाँ उत्पन्न होती थीं। इन कठिनाइयों को दूर करने के लिए एक ऐसी मानकीकृत प्रणाली की आवश्यकता महसूस हुई, जिसका उपयोग विश्वभर में किया जा सके। इसी उद्देश्य से मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली विकसित की गई, जिसे SI प्रणाली कहा जाता है।