भारतीय संविधान विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत का मूल कानून (Supreme Law of the Land) है। यह देश की शासन व्यवस्था, नागरिकों के अधिकारों, सरकार की शक्तियों एवं कर्तव्यों तथा राष्ट्र के मूल आदर्शों का निर्धारण करता है। भारतीय संविधान न केवल शासन चलाने का आधार है बल्कि भारत की लोकतांत्रिक, गणतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था का संरक्षक भी है।
प्रश्न 1. भारतीय संविधान की प्रस्तावना क्या है?
उत्तर : भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) "हम भारत के लोग" शब्दों से प्रारम्भ होती है। प्रस्तावना संविधान की आत्मा मानी जाती है क्योंकि इसके माध्यम से संविधान के आदर्श, उद्देश्य, दर्शन एवं मूल भावना व्यक्त होती है।
प्रस्तावना में भारत को संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न (Sovereign), समाजवादी (Socialist), पंथनिरपेक्ष (Secular), लोकतंत्रात्मक (Democratic) तथा गणराज्य (Republic) घोषित किया गया है।
प्रस्तावना नागरिकों को निम्नलिखित आदर्श प्रदान करने का संकल्प व्यक्त करती है—
उत्तर : भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा एवं विस्तृत लिखित संविधान है।
संविधान निर्माण के समय
उत्तर :
संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार—
"भारत अर्थात इंडिया, राज्यों का एक संघ होगा।"
भारत संघीय व्यवस्था वाला देश है, जिसमें केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन किया गया है। हालांकि भारतीय संघ अमेरिकी संघ की तरह राज्यों के समझौते से निर्मित नहीं हुआ है, इसलिए किसी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है।
भारत एक—
उत्तर :
29 अगस्त 1947 को संविधान सभा ने प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन किया।
प्रारूप समिति के अध्यक्ष
डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के नेतृत्व में संविधान का प्रारूप तैयार किया गया। इसी कारण उन्हें "भारतीय संविधान के शिल्पकार" (Architect of the Indian Constitution) कहा जाता है।
प्रारूप समिति के प्रमुख सदस्यों में शामिल थे—
उत्तर :
24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने संविधान की हस्तलिखित प्रतियों पर हस्ताक्षर किए।
महत्वपूर्ण तथ्य
उत्तर :
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—
1. संघात्मक एवं एकात्मक दोनों स्वरूप
सामान्य परिस्थितियों में संविधान संघात्मक है, जबकि आपातकालीन परिस्थितियों में यह एकात्मक स्वरूप धारण कर लेता है।
2. एकल नागरिकता
भारत में अमेरिका की तरह दोहरी नागरिकता नहीं है। सम्पूर्ण देश के लिए केवल एक नागरिकता का प्रावधान है।
3. संसदीय शासन प्रणाली
भारत ने ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली को अपनाया है।
4. स्वतंत्र न्यायपालिका
सर्वोच्च न्यायालय संविधान का संरक्षक एवं अंतिम व्याख्याकार है।
5. मौलिक अधिकार
नागरिकों को छह प्रमुख मौलिक अधिकार प्राप्त हैं।
6. राज्य के नीति-निर्देशक तत्व
ये सरकार को कल्याणकारी राज्य की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
7. मौलिक कर्तव्य
42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए तथा वर्तमान में नागरिकों के 11 मौलिक कर्तव्य हैं।
8. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
18 वर्ष या उससे अधिक आयु का प्रत्येक भारतीय नागरिक मतदान कर सकता है।
9. संविधान की सर्वोच्चता
देश का सर्वोच्च कानून संविधान है।
10. धर्मनिरपेक्ष राज्य
राज्य किसी विशेष धर्म को मान्यता नहीं देता।प्रश्न 7. भारतीय संविधान में संसदीय शासन प्रणाली का स्वरूप क्या है?
उत्तर :
भारत में संसदीय शासन प्रणाली (Parliamentary System) लागू है।
संवैधानिक प्रमुख
भारत का राष्ट्रपति राष्ट्र का संवैधानिक प्रमुख होता है।
वास्तविक कार्यपालिका
प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद वास्तविक कार्यपालिका होते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 74(1) के अनुसार राष्ट्रपति की सहायता एवं सलाह के लिए मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा।
उत्तर : भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) "हम भारत के लोग" शब्दों से प्रारम्भ होती है। प्रस्तावना संविधान की आत्मा मानी जाती है क्योंकि इसके माध्यम से संविधान के आदर्श, उद्देश्य, दर्शन एवं मूल भावना व्यक्त होती है।
प्रस्तावना में भारत को संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न (Sovereign), समाजवादी (Socialist), पंथनिरपेक्ष (Secular), लोकतंत्रात्मक (Democratic) तथा गणराज्य (Republic) घोषित किया गया है।
प्रस्तावना नागरिकों को निम्नलिखित आदर्श प्रदान करने का संकल्प व्यक्त करती है—
- सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय
- विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता
- प्रतिष्ठा एवं अवसर की समानता
- व्यक्ति की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता एवं अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता
- प्रस्तावना को संविधान सभा ने 26 नवम्बर 1949 को स्वीकार किया।
- 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" तथा "अखंडता" शब्द जोड़े गए।
- सर्वोच्च न्यायालय ने केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) मामले में प्रस्तावना को संविधान का अभिन्न अंग माना।
उत्तर : भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा एवं विस्तृत लिखित संविधान है।
संविधान निर्माण के समय
- 395 अनुच्छेद
- 22 भाग
- 8 अनुसूचियाँ
- 470 से अधिक प्रभावी अनुच्छेद (मूल क्रमांकन के अनुसार)
- 25 भाग
- 12 अनुसूचियाँ
- 5 परिशिष्ट (Appendices)
- संघीय व्यवस्था
- मौलिक अधिकार
- राज्य के नीति-निर्देशक तत्व
- मौलिक कर्तव्य
- केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों का विस्तृत विभाजन
- प्रशासन, न्यायपालिका एवं चुनाव संबंधी विस्तृत प्रावधान
उत्तर :
संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार—
"भारत अर्थात इंडिया, राज्यों का एक संघ होगा।"
भारत संघीय व्यवस्था वाला देश है, जिसमें केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन किया गया है। हालांकि भारतीय संघ अमेरिकी संघ की तरह राज्यों के समझौते से निर्मित नहीं हुआ है, इसलिए किसी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है।
भारत एक—
- संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न राष्ट्र
- लोकतांत्रिक गणराज्य
- संसदीय शासन प्रणाली वाला देश
उत्तर :
29 अगस्त 1947 को संविधान सभा ने प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन किया।
प्रारूप समिति के अध्यक्ष
डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के नेतृत्व में संविधान का प्रारूप तैयार किया गया। इसी कारण उन्हें "भारतीय संविधान के शिल्पकार" (Architect of the Indian Constitution) कहा जाता है।
प्रारूप समिति के प्रमुख सदस्यों में शामिल थे—
- एन. गोपालस्वामी आयंगार
- अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर
- के. एम. मुंशी
- मोहम्मद सादुल्ला
- बी. एल. मित्र
- डी. पी. खेतान
उत्तर :
24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने संविधान की हस्तलिखित प्रतियों पर हस्ताक्षर किए।
महत्वपूर्ण तथ्य
- हस्ताक्षर करने वालों में 15 महिलाएँ भी शामिल थीं।
- संविधान सभा के अध्यक्ष थे – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
- संविधान 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत, अधिनियमित एवं आत्मार्पित किया गया।
- संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
- 2 वर्ष
- 11 माह
- 18 दिन
उत्तर :
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—
1. संघात्मक एवं एकात्मक दोनों स्वरूप
सामान्य परिस्थितियों में संविधान संघात्मक है, जबकि आपातकालीन परिस्थितियों में यह एकात्मक स्वरूप धारण कर लेता है।
2. एकल नागरिकता
भारत में अमेरिका की तरह दोहरी नागरिकता नहीं है। सम्पूर्ण देश के लिए केवल एक नागरिकता का प्रावधान है।
3. संसदीय शासन प्रणाली
भारत ने ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली को अपनाया है।
4. स्वतंत्र न्यायपालिका
सर्वोच्च न्यायालय संविधान का संरक्षक एवं अंतिम व्याख्याकार है।
5. मौलिक अधिकार
नागरिकों को छह प्रमुख मौलिक अधिकार प्राप्त हैं।
6. राज्य के नीति-निर्देशक तत्व
ये सरकार को कल्याणकारी राज्य की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
7. मौलिक कर्तव्य
42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए तथा वर्तमान में नागरिकों के 11 मौलिक कर्तव्य हैं।
8. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
18 वर्ष या उससे अधिक आयु का प्रत्येक भारतीय नागरिक मतदान कर सकता है।
9. संविधान की सर्वोच्चता
देश का सर्वोच्च कानून संविधान है।
10. धर्मनिरपेक्ष राज्य
राज्य किसी विशेष धर्म को मान्यता नहीं देता।प्रश्न 7. भारतीय संविधान में संसदीय शासन प्रणाली का स्वरूप क्या है?
उत्तर :
भारत में संसदीय शासन प्रणाली (Parliamentary System) लागू है।
संवैधानिक प्रमुख
भारत का राष्ट्रपति राष्ट्र का संवैधानिक प्रमुख होता है।
वास्तविक कार्यपालिका
प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद वास्तविक कार्यपालिका होते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 74(1) के अनुसार राष्ट्रपति की सहायता एवं सलाह के लिए मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा।
प्रश्न 8. भारतीय संसद की संरचना कैसी है?
उत्तर :
संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद तीन घटकों से मिलकर बनती है—
प्रश्न 9. भारतीय संविधान किन तीन प्रमुख आधारों पर निर्मित है?
उत्तर :
भारतीय संविधान मुख्यतः तीन आधारों पर निर्मित है—
(1) राजनीतिक व्यवस्था
भारत को लोकतांत्रिक, गणराज्य एवं पंथनिरपेक्ष राष्ट्र बनाना।
(2) शासन संस्थाओं की संरचना
विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका के बीच शक्तियों का विभाजन और संतुलन स्थापित करना।
(3) नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य
नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करना तथा उनके कर्तव्यों एवं राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों को निर्धारित करना।
उत्तर :
संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद तीन घटकों से मिलकर बनती है—
- राष्ट्रपति
- राज्यसभा (राज्यों की परिषद)
- लोकसभा (जनता का सदन)
- संसद का उच्च सदन
- अधिकतम सदस्य संख्या : 250
- वर्तमान स्वीकृत सदस्य संख्या : 245
- संसद का निम्न सदन
- वर्तमान अधिकतम निर्वाचित सदस्य संख्या : 543
उत्तर :
भारतीय संविधान मुख्यतः तीन आधारों पर निर्मित है—
(1) राजनीतिक व्यवस्था
भारत को लोकतांत्रिक, गणराज्य एवं पंथनिरपेक्ष राष्ट्र बनाना।
(2) शासन संस्थाओं की संरचना
विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका के बीच शक्तियों का विभाजन और संतुलन स्थापित करना।
(3) नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य
नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करना तथा उनके कर्तव्यों एवं राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों को निर्धारित करना।
प्रश्न 10. संविधान संशोधन की व्यवस्था क्या है?
उत्तर :
संविधान निर्माताओं ने यह माना था कि समय के साथ परिस्थितियाँ बदलेंगी, इसलिए संविधान में संशोधन की व्यवस्था की गई।
संविधान के अनुच्छेद 368 में संशोधन प्रक्रिया का उल्लेख है।
संशोधन की तीन प्रमुख प्रक्रियाएँ
उत्तर :
संविधान निर्माताओं ने यह माना था कि समय के साथ परिस्थितियाँ बदलेंगी, इसलिए संविधान में संशोधन की व्यवस्था की गई।
संविधान के अनुच्छेद 368 में संशोधन प्रक्रिया का उल्लेख है।
संशोधन की तीन प्रमुख प्रक्रियाएँ
- साधारण बहुमत से
- विशेष बहुमत से
- विशेष बहुमत एवं राज्यों की स्वीकृति से
- पहला संविधान संशोधन : 1951
- नवीनतम संविधान संशोधन : 106वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम)
प्रश्न 11. भारतीय संविधान में धर्मनिरपेक्षता का क्या अर्थ है?
उत्तर :
भारत एक पंथनिरपेक्ष (Secular) राज्य है। इसका अर्थ है कि राज्य किसी भी धर्म को अपना आधिकारिक धर्म घोषित नहीं करता तथा सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार करता है।
धर्मनिरपेक्षता के प्रमुख सिद्धांत
उत्तर :
भारत एक पंथनिरपेक्ष (Secular) राज्य है। इसका अर्थ है कि राज्य किसी भी धर्म को अपना आधिकारिक धर्म घोषित नहीं करता तथा सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार करता है।
धर्मनिरपेक्षता के प्रमुख सिद्धांत
- सभी धर्मों को समान सम्मान
- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
- राज्य द्वारा धर्म के आधार पर भेदभाव का निषेध
- सभी नागरिकों के लिए समान अवसर
प्रश्न 12. भारतीय संविधान से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| संविधान दिवस | 26 नवम्बर |
| लागू होने की तिथि | 26 जनवरी 1950 |
| संविधान सभा की पहली बैठक | 9 दिसम्बर 1946 |
| संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष | डॉ. राजेन्द्र प्रसाद |
| प्रारूप समिति के अध्यक्ष | डॉ. बी. आर. अम्बेडकर |
| संविधान निर्माण में समय | 2 वर्ष 11 माह 18 दिन |
| मूल संविधान | 395 अनुच्छेद, 22 भाग, 8 अनुसूचियाँ |
| वर्तमान संविधान | 25 भाग, 12 अनुसूचियाँ |
| प्रथम संशोधन | 1951 |
| नवीनतम संशोधन | 106वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 |
| मतदान आयु | 18 वर्ष |
| संविधान दिवस घोषित | 2015 |
प्रश्न 13. भारतीय संविधान के प्रमुख स्रोत कौन-कौन से हैं?
उत्तर :
भारतीय संविधान के अनेक प्रावधान विश्व के विभिन्न देशों के संविधानों से लिए गए हैं।
भारतीय संविधान के अनेक प्रावधान विश्व के विभिन्न देशों के संविधानों से लिए गए हैं।
| देश | ग्रहण किए गए प्रावधान |
|---|---|
| ब्रिटेन | संसदीय शासन प्रणाली, विधि का शासन, मंत्रिमंडलीय प्रणाली |
| अमेरिका | मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनर्विलोकन, राष्ट्रपति महाभियोग |
| आयरलैंड | राज्य के नीति निर्देशक तत्व |
| कनाडा | संघीय व्यवस्था एवं अवशिष्ट शक्तियाँ |
| ऑस्ट्रेलिया | समवर्ती सूची एवं व्यापार संबंधी प्रावधान |
| रूस (पूर्व सोवियत संघ) | मौलिक कर्तव्य |
| जर्मनी (वाइमर संविधान) | आपातकालीन प्रावधान |
| दक्षिण अफ्रीका | संविधान संशोधन प्रक्रिया |
प्रश्न 14. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में कितने प्रकार के न्याय की व्यवस्था की गई है?
उत्तर :
प्रस्तावना में तीन प्रकार के न्याय का उल्लेख है—
उत्तर :
प्रस्तावना में तीन प्रकार के न्याय का उल्लेख है—
- सामाजिक न्याय
- आर्थिक न्याय
- राजनीतिक न्याय
प्रश्न 15. भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार कितने हैं?
उत्तर :
वर्तमान में भारतीय नागरिकों को छह मौलिक अधिकार प्राप्त हैं—
संपत्ति का अधिकार (अनुच्छेद 31) 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा मौलिक अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार बनाया गया।
उत्तर :
वर्तमान में भारतीय नागरिकों को छह मौलिक अधिकार प्राप्त हैं—
- समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18)
- स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22)
- शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24)
- धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25-28)
- सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार (अनुच्छेद 29-30)
- संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32)
संपत्ति का अधिकार (अनुच्छेद 31) 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा मौलिक अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार बनाया गया।
प्रश्न 16. भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य कितने हैं?
उत्तर :
संविधान के अनुच्छेद 51A के अंतर्गत नागरिकों के 11 मौलिक कर्तव्य निर्धारित किए गए हैं।
प्रश्न 17. राज्य के नीति निर्देशक तत्व क्या हैं?
उत्तर :
संविधान के भाग-4 (अनुच्छेद 36 से 51) में राज्य के नीति निर्देशक तत्वों का वर्णन किया गया है।
इनका उद्देश्य भारत में कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की स्थापना करना है।
ये न्यायालय द्वारा बाध्यकारी नहीं हैं, लेकिन शासन संचालन में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
उत्तर :
संविधान के अनुच्छेद 51A के अंतर्गत नागरिकों के 11 मौलिक कर्तव्य निर्धारित किए गए हैं।
- 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा 10 कर्तव्य जोड़े गए।
- 86वें संविधान संशोधन (2002) द्वारा 11वाँ कर्तव्य जोड़ा गया।
उत्तर :
संविधान के भाग-4 (अनुच्छेद 36 से 51) में राज्य के नीति निर्देशक तत्वों का वर्णन किया गया है।
इनका उद्देश्य भारत में कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की स्थापना करना है।
ये न्यायालय द्वारा बाध्यकारी नहीं हैं, लेकिन शासन संचालन में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
प्रश्न 18. भारतीय संविधान का संरक्षक कौन है?
उत्तर :
भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारतीय संविधान का संरक्षक (Guardian of Constitution) है।
यह संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखता है तथा असंवैधानिक कानूनों को निरस्त कर सकता है।
उत्तर :
भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारतीय संविधान का संरक्षक (Guardian of Constitution) है।
यह संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखता है तथा असंवैधानिक कानूनों को निरस्त कर सकता है।
प्रश्न 19. संविधान का 'मूल ढाँचा सिद्धांत' (Basic Structure Doctrine) क्या है?
उत्तर :
1973 में हुए प्रसिद्ध केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मूल ढाँचा सिद्धांत प्रतिपादित किया।
इसके अनुसार संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन संविधान के मूल ढाँचे को नष्ट नहीं कर सकती।
मूल ढाँचे के प्रमुख तत्व
प्रश्न 20. भारतीय संविधान में आपातकाल कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर :
भारतीय संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल का प्रावधान है—
उत्तर :
1973 में हुए प्रसिद्ध केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मूल ढाँचा सिद्धांत प्रतिपादित किया।
इसके अनुसार संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन संविधान के मूल ढाँचे को नष्ट नहीं कर सकती।
मूल ढाँचे के प्रमुख तत्व
- संविधान की सर्वोच्चता
- लोकतंत्र
- गणराज्य
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता
- संघीय व्यवस्था
- धर्मनिरपेक्षता
- विधि का शासन
उत्तर :
भारतीय संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल का प्रावधान है—
| प्रकार | अनुच्छेद |
|---|---|
| राष्ट्रीय आपातकाल | 352 |
| राज्य आपातकाल (राष्ट्रपति शासन) | 356 |
| वित्तीय आपातकाल | 360 |
महत्वपूर्ण तथ्य :
अब तक भारत में वित्तीय आपातकाल कभी लागू नहीं किया गया है।
प्रश्न 21. भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ कितनी हैं?
उत्तर :
वर्तमान में भारतीय संविधान में 12 अनुसूचियाँ हैं।
प्रमुख अनुसूचियाँ
प्रश्न 22. भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कितनी भाषाएँ हैं?
उत्तर :
संविधान की अष्टम अनुसूची में वर्तमान में 22 भाषाएँ शामिल हैं।
नवीनतम जोड़ी गई भाषाएँ (92वाँ संशोधन, 2003)
प्रश्न 23. संविधान दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर :
प्रतिवर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस (Constitution Day) मनाया जाता है।
2015 में भारत सरकार ने संविधान निर्माता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर इसकी शुरुआत की।
उत्तर :
वर्तमान में भारतीय संविधान में 12 अनुसूचियाँ हैं।
प्रमुख अनुसूचियाँ
- प्रथम अनुसूची – राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का विवरण
- द्वितीय अनुसूची – वेतन एवं भत्ते
- पंचम अनुसूची – अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन
- षष्ठम अनुसूची – पूर्वोत्तर जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन
- अष्टम अनुसूची – भाषाएँ
- दशम अनुसूची – दल-बदल विरोधी कानून
- एकादश अनुसूची – पंचायतें
- द्वादश अनुसूची – नगरपालिकाएँ
उत्तर :
संविधान की अष्टम अनुसूची में वर्तमान में 22 भाषाएँ शामिल हैं।
नवीनतम जोड़ी गई भाषाएँ (92वाँ संशोधन, 2003)
- बोडो
- डोगरी
- मैथिली
- संथाली
उत्तर :
प्रतिवर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस (Constitution Day) मनाया जाता है।
2015 में भारत सरकार ने संविधान निर्माता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर इसकी शुरुआत की।
प्रश्न 24. भारतीय संविधान को 'जीवंत दस्तावेज' क्यों कहा जाता है?
उत्तर :
भारतीय संविधान को जीवंत दस्तावेज (Living Document) कहा जाता है क्योंकि यह समय एवं परिस्थितियों के अनुसार संशोधित किया जा सकता है।
इसी लचीलेपन के कारण संविधान स्वतंत्र भारत की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढालता रहा है।
उत्तर :
भारतीय संविधान को जीवंत दस्तावेज (Living Document) कहा जाता है क्योंकि यह समय एवं परिस्थितियों के अनुसार संशोधित किया जा सकता है।
इसी लचीलेपन के कारण संविधान स्वतंत्र भारत की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढालता रहा है।
प्रश्न 25. भारतीय संविधान से जुड़े महत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य (One Liner GK)
भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक आदर्शों, नागरिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, समानता तथा राष्ट्रीय एकता का आधार स्तंभ है। इसकी विशेषता यह है कि यह समयानुसार संशोधित होने की क्षमता रखता है, फिर भी अपने मूल ढाँचे (Basic Structure) को सुरक्षित रखता है। यही कारण है कि भारतीय संविधान विश्व के सर्वश्रेष्ठ एवं सबसे व्यापक संविधानों में गिना जाता है
- भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
- संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राऊ थे।
- संविधान की मूल प्रति हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हस्तलिखित है।
- संविधान की मूल प्रतियों की सुलेख कला प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने की थी।
- संविधान के प्रत्येक पृष्ठ की सजावट नंदलाल बोस एवं उनकी टीम ने की थी।
- 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस इसलिए चुना गया क्योंकि 1930 में इसी दिन पूर्ण स्वराज्य दिवस मनाया गया था।
- संविधान सभा की कुल 11 बैठक सत्रों में 165 दिनों तक कार्यवाही चली।
- संविधान निर्माण पर लगभग 6.4 करोड़ रुपये (तत्कालीन मूल्य) व्यय हुए थे।
- भारतीय संविधान को कभी-कभी "वकीलों का स्वर्ग" (Lawyers' Paradise) भी कहा जाता है।
भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक आदर्शों, नागरिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, समानता तथा राष्ट्रीय एकता का आधार स्तंभ है। इसकी विशेषता यह है कि यह समयानुसार संशोधित होने की क्षमता रखता है, फिर भी अपने मूल ढाँचे (Basic Structure) को सुरक्षित रखता है। यही कारण है कि भारतीय संविधान विश्व के सर्वश्रेष्ठ एवं सबसे व्यापक संविधानों में गिना जाता है